Tasveer

जब तुम्हारी तस्वीर खयालों में आती है
आँखे नम हो जाती है
जुबान पे तुम्हारा नाम आता हैं
जहन में तुम्हारी कमी महसूस होती है

कोई रिश्ता नहीं रहा हमारा
फिर भी एक मुलाकात लाज़मी है
वक़्त रेहता नहीं किसी के लिए रुक कर
फिर भी आज रात टैहरी सी है।

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